Post Office Fixed Deposit 2026 : पोस्ट ऑफिस में ₹10,000 की FD पर 1 साल में कितना ब्याज..

FD से ज्यादा ब्याज, पोस्ट ऑफिस की धमाकेदार स्कीमें

Post Office Fixed Deposit 2026 – पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट (Time Deposit) भारत सरकार समर्थित एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है, इसलिए छोटे निवेशक और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं। यदि कोई व्यक्ति वर्ष 2026 में पोस्ट ऑफिस में ₹10,000 की 1 साल की FD कराता है, तो उसे तय ब्याज दर के अनुसार निश्चित रिटर्न मिलता है। वर्तमान में 1 वर्ष की पोस्ट ऑफिस TD पर लगभग 6.9% वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। इस दर के अनुसार ₹10,000 जमा करने पर एक साल में लगभग ₹690 के आसपास ब्याज प्राप्त होगा। मैच्योरिटी पर निवेशक को करीब ₹10,690 मिलते हैं। खास बात यह है कि यह रिटर्न पूरी तरह सुरक्षित रहता है क्योंकि इसमें बाजार जोखिम नहीं होता। शेयर या म्यूचुअल फंड की तरह इसमें उतार-चढ़ाव नहीं आता। इसलिए जिन लोगों को जोखिम नहीं लेना और छोटी बचत से धीरे-धीरे पैसा बढ़ाना है, उनके लिए पोस्ट ऑफिस FD एक भरोसेमंद और सरल योजना साबित होती है।

पोस्ट ऑफिस FD स्कीम क्या है और कैसे काम करती है

पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट, जिसे टाइम डिपॉजिट अकाउंट भी कहा जाता है, एक निश्चित अवधि के लिए किया जाने वाला निवेश है जिसमें पैसा लॉक रहता है और उस पर सरकार द्वारा घोषित निश्चित ब्याज मिलता है। इसमें 1 वर्ष, 2 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष की अवधि के विकल्प होते हैं। निवेशक अपनी सुविधा और लक्ष्य के अनुसार अवधि चुन सकता है। इस योजना में ब्याज तिमाही आधार पर जोड़ा जाता है लेकिन भुगतान मैच्योरिटी पर मिलता है। यही कारण है कि यह बचत खाता से ज्यादा और कई बैंक FD के बराबर सुरक्षित माना जाता है। कोई भी भारतीय नागरिक, संयुक्त खाता धारक या अभिभावक नाबालिग के नाम से भी खाता खुलवा सकता है। खाता खुलवाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होती है। एक बार पैसा जमा होने के बाद ब्याज तय रहता है, चाहे बाजार में ब्याज दरें कम हो जाएं या बढ़ जाएं।

₹10,000 जमा करने पर मिलने वाला ब्याज और गणना

अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि ₹10,000 जमा करने पर वास्तव में कितना पैसा मिलेगा। यदि ब्याज दर 6.9% वार्षिक है तो साधारण गणना के अनुसार एक साल में ₹10,000 × 6.9% = ₹690 ब्याज बनता है। चूंकि पोस्ट ऑफिस ब्याज को तिमाही आधार पर कंपाउंड करता है, इसलिए वास्तविक राशि थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन अंतर बहुत ज्यादा नहीं होता। मैच्योरिटी के समय निवेशक को लगभग ₹10,690 के आसपास रकम प्राप्त होती है। यह रिटर्न कम लग सकता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत सुरक्षा है। इसमें मूलधन खोने का खतरा शून्य होता है। जिन लोगों को निश्चित और गारंटीड रिटर्न चाहिए, उनके लिए यह निवेश बेहतर है। खासकर बुजुर्ग, गृहिणी, किसान और मजदूर वर्ग इसे नियमित बचत का साधन बनाकर धीरे-धीरे बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

खाता खोलने की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

पोस्ट ऑफिस FD खाता खोलना बेहद आसान है और इसे ऑनलाइन के बजाय अधिकतर लोग सीधे पोस्ट ऑफिस जाकर खुलवाते हैं। सबसे पहले नजदीकी डाकघर में जाकर टाइम डिपॉजिट अकाउंट का फॉर्म लेना होता है। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और दो पासपोर्ट साइज फोटो जमा करने होते हैं। यदि संयुक्त खाता खोलना है तो दोनों आवेदकों के दस्तावेज आवश्यक होंगे। न्यूनतम ₹1,000 से खाता शुरू किया जा सकता है और उसके बाद ₹100 के गुणांक में राशि जमा की जा सकती है। खाता खुलने के बाद आपको पासबुक मिलती है जिसमें जमा राशि और मैच्योरिटी तिथि लिखी होती है। निवेशक चाहें तो हर साल मैच्योरिटी पर पैसा निकाल सकते हैं या उसे दोबारा रिन्यू भी कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में किसी एजेंट या ब्रोकर की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए यह पूरी तरह पारदर्शी योजना मानी जाती है।

समय से पहले पैसा निकालने और टैक्स नियम

कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि जरूरत पड़ने पर क्या FD को बीच में तोड़ा जा सकता है। पोस्ट ऑफिस FD में 6 महीने पूरे होने के बाद प्री-मैच्योर क्लोजर की अनुमति होती है, लेकिन उस स्थिति में पूरा ब्याज नहीं मिलता और थोड़ी कटौती हो सकती है। यदि निवेशक 1 साल से पहले पैसा निकालता है तो बचत खाते की दर से ब्याज दिया जाता है। वहीं 5 साल की FD पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है, जबकि 1 साल की FD पर ऐसा लाभ नहीं मिलता। हालांकि ब्याज आय पर टैक्स लागू होता है और उसे आयकर रिटर्न में दिखाना जरूरी है। इसके बावजूद सुरक्षा और निश्चित रिटर्न के कारण यह योजना छोटे निवेशकों के लिए आज भी सबसे भरोसेमंद बचत विकल्पों में गिनी जाती है।

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