E-Shram Card Yojana – देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों के लिए ई-श्रम कार्ड योजना एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि बुढ़ापे में उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। हाल ही में इस योजना के तहत 3000 रुपये मासिक पेंशन से जुड़ी जानकारी सामने आई है, जिसके बाद मजदूरों में उत्साह बढ़ गया है। दिहाड़ी मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक, रिक्शा चालक और छोटे काम करने वाले लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करने के बाद श्रमिकों को एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) दिया जाता है, जो उनके पूरे कार्यकाल में मान्य रहता है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र मजदूर को भविष्य में आर्थिक सहारा मिले। इसलिए अब आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग योजना से जुड़ सकें और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकें।
कौन-कौन लोग ले सकते हैं योजना का लाभ
ई-श्रम कार्ड योजना का लाभ केवल असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को दिया जाता है। इसमें वे लोग शामिल हैं जिनकी नियमित सैलरी नहीं होती और जो किसी सरकारी या निजी पेंशन योजना से कवर नहीं हैं। उदाहरण के तौर पर खेतिहर मजदूर, मनरेगा श्रमिक, सब्जी विक्रेता, ऑटो और रिक्शा चालक, प्लंबर, कारपेंटर, दर्जी, घरेलू सहायिका, सफाई कर्मचारी तथा छोटे दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी इस योजना के पात्र माने जाते हैं। आवेदक की आयु 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके पास आधार कार्ड तथा बैंक खाता होना जरूरी है। बैंक खाते को आधार से लिंक करना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि भविष्य में मिलने वाली सहायता और पेंशन राशि सीधे खाते में भेजी जाएगी। जो व्यक्ति पहले से EPFO, ESIC या किसी अन्य संगठित पेंशन योजना से जुड़ा है, उसे इसका लाभ नहीं मिलेगा। इस तरह योजना का फोकस केवल वास्तविक जरूरतमंद मजदूरों तक लाभ पहुंचाना है।
3000 रुपये मासिक पेंशन कैसे मिलेगी
ई-श्रम कार्ड अपने आप पेंशन नहीं देता, बल्कि यह श्रमिकों को पेंशन योजनाओं से जोड़ने का माध्यम बनता है। पंजीकरण के बाद श्रमिकों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना जैसी पेंशन योजनाओं में शामिल होने का अवसर मिलता है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर श्रमिक को हर महीने 3000 रुपये पेंशन दी जाती है। इसके लिए मजदूर को अपनी उम्र के अनुसार बहुत छोटी राशि हर महीने जमा करनी होती है, जैसे युवा अवस्था में लगभग 55 से 100 रुपये तक। जितनी राशि श्रमिक जमा करता है, उतनी ही राशि सरकार भी योगदान के रूप में देती है। यानी यह एक सह-योगदान आधारित योजना है। नियमित अंशदान जारी रखने पर 60 साल के बाद आजीवन पेंशन मिलती है और मृत्यु के बाद पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन का लाभ भी दिया जाता है। इस प्रकार यह योजना मजदूरों के बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
ई-श्रम कार्ड बनवाने की प्रक्रिया काफी आसान कर दी गई है ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मजदूर आसानी से आवेदन कर सकें। इच्छुक व्यक्ति नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर पंजीकरण करवा सकता है या स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन कर सकता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक और आधार से जुड़ा बैंक खाता जरूरी होता है। पंजीकरण के समय आवेदक को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, व्यवसाय, पता और परिवार से संबंधित जानकारी भरनी होती है। सत्यापन के बाद तुरंत ई-श्रम कार्ड जारी कर दिया जाता है, जिसे डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है। कार्ड मिलने के बाद श्रमिक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र हो जाता है। आवेदन पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है ताकि कोई बिचौलिया मजदूरों से पैसे न वसूल सके और अधिकतम लोग इस योजना से जुड़ सकें।
ई-श्रम कार्ड के अन्य फायदे
ई-श्रम कार्ड केवल पेंशन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं। कार्डधारकों को दुर्घटना बीमा कवर दिया जाता है, जिसके अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता होने पर 2 लाख रुपये तक की सहायता मिलती है और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। भविष्य में सरकार विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राशन, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रमों को भी इस कार्ड से जोड़ने की योजना बना रही है। प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति में सरकार श्रमिकों की पहचान इसी डेटाबेस से कर सीधे सहायता दे सकती है। इसके अलावा, राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर अलग-अलग लाभ प्रदान कर सकती हैं। इस प्रकार ई-श्रम कार्ड एक पहचान पत्र की तरह काम करता है, जो मजदूरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ता है और उन्हें आर्थिक तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का मजबूत आधार तैयार करता है।









